Aughad – Hindi
Price: (as of – Details) Buy Now From the Publisher 1. अपने उपन्यास ‘औघड़’ की प्रस्तावना में आप ने लिखा है- ‘मैंने उपन्यास नहीं लिखा बल्कि अपने मारे जाने की ज़मानत लिखी है’। आपके ज़ेहन में ऐसा लिखने का ख़याल कैसे आया? हम जिस सामाजिक परिवेश और दौर में रह रहे हैं वहाँ जातिय और … Read more