The Brothers Bihari – Hindi Edition | Bandhu Bihari : Story of Lalu Yadav and Nitish Kumar | Insightful Biographies, Personal Memories and Bihar Political Analysis by Renowned Journalist Sankarshan Thakur

The Brothers Bihari – Hindi Edition | Bandhu Bihari : Story of Lalu Yadav and Nitish Kumar | Insightful Biographies, Personal Memories and Bihar Political Analysis by Renowned Journalist Sankarshan Thakur
Price: ₹500 - ₹280.00
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Bandhu Bihari by Sankarshan Thakur

Bandhu Bihari by Sankarshan ThakurBandhu Bihari by Sankarshan Thakur

लालू यादव और नीतीश कुमार कुछ के लिए नायक; तो कुछ के लिए खलनायक; वंचितों के समर्थक; लेकिन स्वभाव से अभिमानी; युवाओं के मित्र लेकिन अधेड़ों के शत्रु।

लालू यादव और नीतीश कुमार यानी चूना और पनीर। एक करिश्माई लेकिन दागी लोकप्रिय नेता; और दूसरा चालाक और अंतर्मुखी। दोनों को मिला दें तो आकर्षक जोड़ी बनती है। कुछ के लिए नायक; तो कुछ के लिए खलनायक; वंचितों के समर्थक; लेकिन स्वभाव से अभिमानी; युवाओं के मित्र लेकिन अधेड़ों के शत्रु । एक चौथाई शताब्दी से ये दोनों ही बिहार का भाग्य बना-बिगाड़ रहे हैं। बिहार के लिए लालू और नीतीश का मतलब क्या है? इस पुस्तक में पहली बार संकर्षण ठाकुर की इन दोनों की व्यापक रूप से प्रशंसित जीवनियों की पुनर्लिखित और नवीन तथा विस्तृत जीवनियाँ प्रस्तुत की जा रही हैं। देश के सर्वश्रेष्ठ पत्रकारों में से एक संकर्षण ठाकुर ने यह शानदार लेखन किया है। इसमें जहाँ कुछ व्यक्तिगत स्मृतियाँ शामिल हैं; तो कुछ राजनीतिक चित्रण और कुछ कठोर विचार भी हैं; जिस वजह से बिहार को समझने के लिए यह पुस्तक पढ़ना अनिवार्य हो जाता है।

अनुक्रम

आभार

लेखकीय

पुस्तक परिचय

भाग-1

बिहार और लालू यादव के उभार की कहानी

लालू यादव का कालानुक्रम

1. मैं राज्य हूँ

2. पुराना पालना

3. राजा के दरबारी

4. स्वयं राजा

5. हेलिकॉप्टर में चरवाहा

cont…

*अन्य लेखकों की चर्चित पुस्तकें भी इसमें सम्मिलित हैं।

Akela Aadmi (Kahani Nitish Kumar Ki)Akela Aadmi (Kahani Nitish Kumar Ki)

Akela Aadmi (Kahani Nitish Kumar Ki)

इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर भारत के लोकतंत्र पर बड़ा आघात किया। युवा संकर्षण ठाकुर तब स्कूल में ही पढ़ते थे और इन घटनाओं को चुपचाप देखा करते थे। वह समय; जब जनता आदर्शवाद के सपने देखने लगी थी; गुजर गया; उसके बाद दशक गुजर गए और सारे सपने राख हो गए। हालाँकि उस राख से एक ऐसा नेता निकला; जिसने बिहार का स्वरूप बदल दिया और उसे देश की सबसे संपन्न अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करा दिया। बिहार में लालूप्रसाद यादव के अंधकारमय; नैराश्यपूर्ण और अराजक शासन के बाद बिहार को नीतीश कुमार के रूप में सभ्य; आधुनिक और काम करनेवाला मुख्यमंत्री मिला।

Viksit Bihar Ki KhojViksit Bihar Ki Khoj

Viksit Bihar Ki Khoj

प्रस्तुत पुस्तक में नीतीश बाबू के बहुआयामी व्यक्‍तित्व एवं कार्यों का विवेचन किया गया है। एक राजनेता के रूप में वे अपनी वाणी से कुछ न कहकर अपना उत्तर रचनात्मक कार्यो के रूप में देते हैं। उनकी मान्यता है कि सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्‍ति तक पहुँचे। राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता का प्रमाण देनेवाले इन लेखों से आम आदमी का राजनीतिज्ञों में और विकास के कामों में विश्‍वास बढेगा।

Sansad Mein Vikas Ki BaatenSansad Mein Vikas Ki Baaten

Sansad Mein Vikas Ki Baaten

शराब को दैनिक जीवन का हिस्सा बना चुके लोगों के शराब पीने, शराब बनाने और बेचने पर पाबंदी लगाकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंधी सुरंग में समाई जिंदगी को नया बिहान दिया, नई रोशनी दी। इस संकलन का उद्देश्य यह प्रकाश में लाना है कि आज के परिवेश में एक नेता अपने संसदीय काल के विमर्शों में जिन विषयों को उठाता है, शासन से माँग करता है, शासन के प्रतिनिधि के रूप में आश्वस्त करता है, और जब वह स्वयं शासन का सूत्रधार बनता है, तब उन विषयों का समाधान करने में कैसे जुट जाता है।

Nitish Kumar Aur Ubharta BiharNitish Kumar Aur Ubharta Bihar

Nitish Kumar Aur Ubharta Bihar

‘नीतीश कुमार और उभरता बिहार’ में वरिष्‍ठ पत्रकार अरुण सिन्हा ने विपरीत परिस्थितियों में बिहार का शासन सँभालने वाले नीतीश बाबू की उस कर्मठ एवं जुझारू कार्यशैली का बेबाक वर्णन किया है; जिसने बिहार को एक नई दिशा दी; एक नई पहचान दी। उन्होंने बिहार के सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में नीतीश कुमार के उदय की कहानी बताई है और 1960 के दशक के आखिर से शुरू हुए समतावादी आंदोलनों तथा इनके फलस्वरूप 1990 में हुए सत्ता-परिवर्तन का विस्तार से वर्णन किया है।

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Sankarshan ThakurSankarshan Thakur

Sankarshan Thakur

संकर्षण ठाकुर का जन्म सन् 1962 में पटना में हुआ। सन् 1984 से उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्त्व के विषयों पर अनेक प्रकाशनों के लिए रिपोर्ट भेजने और लिखने का कार्य व्यापक स्तर पर किया है। वह लालू यादव की राजनीतिक जीवन-गाथा ‘Subaltern Saheb’ के रचयिता हैं और वर्तमान में ‘The Telegraph’ के घुमंतू संपादक के रूप में कार्य करते हैं।

ASIN ‏ : ‎ 9351868850
Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.; 1st edition (1 January 2017); New Delhi-110002 (PH: 7827007777) Email: prabhatbooks@gmail.com
Language ‏ : ‎ Hindi
Paperback ‏ : ‎ 416 pages
ISBN-10 ‏ : ‎ 9789351868859
ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9351868859
Item Weight ‏ : ‎ 300 g
Dimensions ‏ : ‎ 20.3 x 25.4 x 4.7 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Net Quantity ‏ : ‎ 1 Count
Importer ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd., 4/19, Asaf Ali Raod, New Delhi-110002 (PH: 7827007777) Email: prabhatbooks@gmail.com
Packer ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Generic Name ‏ : ‎ Book

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