Picasso : Ek Jeevani

Picasso : Ek Jeevani
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Picasso : Ek Jeevani (Hindi) by Shashidhar Khan

Picasso : Ek Jeevani (Hindi) by Shashidhar KhanPicasso : Ek Jeevani (Hindi) by Shashidhar Khan

अन्याय और असत्य के खिलाफ आवाज बुलंद करनेवाली इरोम शर्मिला के क्रांतिकारी जीवन की झाँकी; जो प्रेरणा भी देती है और संघर्ष करने की शक्ति भी।

साधारण विश्व रिकॉर्ड बनानेवाली मणिपुर की समाजधर्मी इरोम शर्मिला चानू की जीवनकथा अविस्मरणीय है। अद्भुत जीवटवाली इस महिला ने 13 साल तक लगातार भूखहड़ताल अनशन/ आंदोलन किया; जो सचमुच एक तपस्या है।

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इरोम शर्मिला का अनशन बिल्कुल छोटी सी आशा और छोटी सी दुनिया तक सीमित है। उसकी न तो कोई राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा; न ही सुर्खियों में बने रहने की लालसा; आंदोलन व प्रदर्शन जैसे विरोधप्रदर्शन के चलताऊ उपायों से दूर एकदम अलगथलग मणिपुर के अपने भाईबंधुओं को गुलामीवाले कानून की ज्यादती से छुटकारा दिलाने के लिए इरोम शर्मिला ने अपनी जिंदगी दाँव पर लगा रखी है।

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जनमानस को झकझोरनेवाली यह घटना मामूली नहीं है; क्योंकि ऐसा कर पाना हर किसी के वश की बात नहीं है। उन्होंने इतना शारीरिक और मानसिक संत्रास झेला है; जिसकी कल्पना मात्र से ही शरीर सिहर उठता है। अन्याय और असत्य के खिलाफ आवाज बुलंद करनेवाली इरोम शर्मिला के क्रांतिकारी जीवन की झाँकी; जो प्रेरणा भी देती है और संघर्ष करने की शक्ति भी।

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लेखक की लोकप्रिय पुस्तकें

Sangharsh Ki Virasat Aung San Suu KyiSangharsh Ki Virasat Aung San Suu Kyi

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सू की ने बचपन से लेकर 66 वर्ष की उम्र प्रतिकूल परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए गुजारी है। आज उन्होंने म्याँमार को इस स्थिति में ला दिया है कि सैनिक शासक लोकतंत्र बहाली के उपाय धीरे-धीरे अपनाने को विवश है। म्याँमार के राष्‍ट्रपिता आंग सान का नाम लोग आज सू की के माध्यम से जानते हैं; लेकिन सू की ने सही मायने में राष्‍ट्रपुत्री बनकर गौरव प्राप्‍त किया है। सू की के पिता देश को आजाद कराने और आजादी मिलने के बाद हुए आंतरिक संघर्ष से जूझे, जिनमें उन्हें अपनी जान तक गँवानी पड़ी। लेकिन सू की ने घृणा का जवाब प्रेम से और गोली का जवाब बोली से देकर सैनिक शासकों को इस स्थिति में ला दिया कि वे इस अद‍्भुत जीवटवाली आदर्श महिला के जज्बे के आगे झुकने को विवश हो गए।

Picasso : Ek JeevaniPicasso : Ek Jeevani

Picasso : Ek Jeevani

पाब्लो पिकासो के व्यक्तित्व और कृतित्व में इतनी विविधताएँ हैं कि अभी तक उनके योगदान का सही आकलन नहीं हो सका है। उनका व्यक्तित्व और पारिवारिक से लेकर कलाकार के रूप में जिया गया जीवन भी इतना वैविध्यपूर्ण तथा विशिष्टताओं से भरा है कि जितनी बार चर्चा की जाए, एक नई बात सामने आती है। यही खासियत पिकासो को अतिविशिष्ट कलाकारों की सूची में ऊपर ला देती है। चित्रकारी और शिल्पकला के क्षेत्र में पिकासो विश्व के एकमात्र अमिट हस्ताक्षर हैं। विश्व की सर्वश्रेष्ठ कलाओं का इतिहास पिकासो से ही शुरू होता है और पिकासो पर ही समाप्त हो जाता है।

Irom Sharmila Aur Amran AnshanIrom Sharmila Aur Amran Anshan

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साधारण विश्व रिकॉर्ड बनानेवाली मणिपुर की समाजधर्मी इरोम शर्मिला चानू की जीवनकथा अविस्मरणीय है। अद्भुत जीवटवाली इस महिला ने 13 साल तक लगातार भूखहड़ताल अनशन/ आंदोलन किया; जो सचमुच एक तपस्या है। इरोम शर्मिला का अनशन बिल्कुल छोटी सी आशा और छोटी सी दुनिया तक सीमित है। उसकी न तो कोई राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा; न ही सुर्खियों में बने रहने की लालसा; आंदोलन व प्रदर्शन जैसे विरोधप्रदर्शन के चलताऊ उपायों से दूर एकदम अलगथलग मणिपुर के अपने भाईबंधुओं को गुलामीवाले कानून की ज्यादती से छुटकारा दिलाने के लिए इरोम शर्मिला ने अपनी जिंदगी दाँव पर लगा रखी है।

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Shashidhar KhanShashidhar Khan

Shashidhar Khan

जन्म : 7 अप्रैल, 1959 को बिहार के दरभंगा जिले में। शिक्षा : एम.ए. (राजनीतिक विज्ञान)। कृतित्व : 1980 में लेखन और पत्रकारिता की शुरुआत। आजादी की लड़ाई लड़ रहे फिलिस्तीनी छापामारों की कविताओं तथा बेंजामिन मोलोइस की कविताओं का अनुवाद। सन् 1984 में ‘नवभारत टाइम्स’ (लखनऊ) और 1985 में बंबई में नियुक्‍ति। फिर 18 साल तक पी.टी.आई. भाषा (दिल्ली) में कार्यरत। संप्रति : स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद विभिन्न अखबारों में नियमित राजनीतिक टिप्पणियाँ।

Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan (1 January 2020); Prabhat Prakashan – Delhi
Language ‏ : ‎ Hindi
Hardcover ‏ : ‎ 168 pages
ISBN-10 ‏ : ‎ 9387968804
ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9387968806
Item Weight ‏ : ‎ 280 g
Dimensions ‏ : ‎ 1.1 x 13.97 x 21.59 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Packer ‏ : ‎ Prabhat Prakashan – Delhi
Generic Name ‏ : ‎ Books

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