
Price: ₹250 - ₹185.00
(as of Feb 09,2025 10:47:24 UTC – Details)
Buy Now
From the Publisher
Oscar Wilde Ki Lokpriya Kahaniyan (Hindi) by Oscar Wilde

‘‘प्रेम बेहतर है।’’ युवा मछुआरे ने जवाब दिया। वह वापस समुद्र की गहराई में कूद गया और उसकी पुरुषरूपधारी आत्मा रोती हुई दलदल की तरफ चली गई।
लेकिन युवा मछुआरे ने हँसकर कहा, ‘‘प्रेम ज्ञान से बेहतर होता है और छोटी मत्स्यकन्या मुझसे प्रेम करती है।’’ ‘‘नहीं। ज्ञान से बढ़कर और कुछ नहीं होता।’’ आत्मा ने कहा। ‘‘प्रेम बेहतर है।’’ युवा मछुआरे ने जवाब दिया। वह वापस समुद्र की गहराई में कूद गया और उसकी पुरुषरूपधारी आत्मा रोती हुई दलदल की तरफ चली गई। जब दूसरा साल खत्म हुआ तो उसकी आत्मा एक बार फिर समुद्र तट पर आई। उसने फिर युवा मछुआरे को पुकारा तो वह गहराई से ऊपर आकर बोला, ‘‘तुमने मुझे क्यों बुलाया?’’ आत्मा ने जवाब दिया, ‘‘पास आओ, ताकि मैं तुमसे बात कर सकूँ। मैंने बहुत सी आश्चर्यजनक चीजें देखी हैं।’’ वह पास आकर उथले पानी में लेट गया। उसने अपना सिर अपने हाथ पर टिका लिया और सुनने लगा। —इसी संग्रह से
विश्व प्रसिद्ध उपन्यासकार, कवि एवं कहानीकार ऑस्कर वाइल्ड एक संवेदनशील इनसान थे। उनकी कहानियों में मानव जीवन की गहरी अनुभूतियाँ हैं, आपसी रिश्तों के रहस्य हैं, पवित्र सौंदर्य की अलौकिक व्याख्या है तो मानव धड़कनों के तारतम्य को अद्भुत बतकही शैली में व्यक्त किया गया है। पठनीयता से भरपूर रोचक कहानियाँ।
अनुक्रम
1. सुखी राजकुमार — Pgs. 9
2. बुलबुल और गुलाब — Pgs. 20
3. स्वार्थी दानव — Pgs. 27
4. सच्चा दोस्त — Pgs. 32
5. किशोर राजा — Pgs. 45
6. राजकुमारी का जन्मदिन — Pgs. 60
7. मछुआरा और उसकी आत्मा — Pgs. 79
8. कैंटरविले का भूत — Pgs. 115
अन्य प्रसिद्ध कृतियां
Customer Reviews
4.3 out of 5 stars
51
3.8 out of 5 stars
17
4.0 out of 5 stars
16
4.4 out of 5 stars
160
4.2 out of 5 stars
144
4.4 out of 5 stars
117
Price
₹74.81₹74.81 ₹123.90₹123.90 ₹141.75₹141.75 ₹98.44₹98.44 ₹168.74₹168.74 ₹148.68₹148.68

Oscar Wilde
ऑस्कर वाइल्ड का जन्म 15 अक्तूबर, 1854 को हुआ। उनके पिता एक सर्जन थे और माँ कवयित्री। कविता के संस्कार उन्हें अपनी माँ से ही मिले।
19वीं शताब्दी के अंतिम दशक में उन्होंने सौंदर्यवादी आंदोलन का नेतृत्व किया। इससे उनकी कीर्ति चारों ओर फैली। ऑस्कर वाइल्ड विलक्षण बुद्धि, विराट् कल्पनाशीलता और प्रखर विचारों के स्वामी थे।
विश्व की कई भाषाओं में उनकी कृतियाँ अनूदित हुई हैं। अनेक बैस्टसैलर पुस्तकों के लोकप्रिय लेखक। कहानी, उपन्यास, परीकथाएँ, नाटकों की विश्व साहित्य का यह तेजस्वी हस्ताक्षर आज भी पूरी दुनिया में स्नेह के साथ पढ़ा और सराहा जाता है।
स्मृतिशेष : 30 नवंबर, 1900 को पेरिस में।
ASIN : 9350485729
Publisher : Prabhat Prakashan; First Edition (1 January 2014); New Delhi-110002 (PH: 7827007777) Email: prabhatbooks@gmail.com
Language : Hindi
Paperback : 144 pages
ISBN-10 : 9789350485729
ISBN-13 : 978-9350485729
Reading age : 18 years and up
Item Weight : 170 g
Dimensions : 22 x 14 x 2 cm
Country of Origin : India
Net Quantity : 1 Count
Importer : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Packer : Kashiv Enterprises
Generic Name : Book
Buy Now