Malti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan: Celebrating the Popular Stories of Malti Joshi by Malti Joshi (Hindi Edition)

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Malti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan by MALTI JOSHI

Malti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan by MALTI JOSHIMalti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan by MALTI JOSHI

मालती जोशी एक हिन्दी लेखिका हैं, जिन्हें २०१८ में साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

मालती जोशी का जन्म ४ जून १९३४ को औरंगाबाद में हुआ था। आपने आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष १९५६ में हिन्दी विषय से एम.ए. की शिक्षा ग्रहण की। अब तक अनगिनत कहानियां, बाल कथायें व उपन्यास प्रकाशित कर चुकी हैं। इनमें से अनेक रचनाओं का विभिन्न भारतीय व विदेशी भाषाओं में अनुवाद भी किया जा चुका है। कई कहानियों का रंगमंचन रेडियो व दूर दर्शन पर नाट्य रूपान्तर भी प्रस्तुत किया जा चुका है। कुछ पर जया बच्चन द्वारा दूरदर्शन धारावाहिक सात फेरे का निर्माण किया गया है तथा कुछ कहानियां गुलज़ार के दूरदर्शन धारावाहिक किरदार में तथा भावना धारावाहिक में शामिल की जा चुकी हैं। इन्हें हिन्दी व मराठी की विभिन्न व साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित व पुरस्कृत किया जा चुका है। मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा वर्ष १९९८ के भवभूति अलंकरण सम्मान से विभूषित किया जा चुका है। मालती जोशी जी कि कहानियां मन को छूने वाली होती हैं। अपनी कहानियों के बारे में, वे कहती हैं,मालती जोशी की कहानियों के साथ उनके लाखों प्रशंसक अपनी जिंदगी का ताना-बाना बुनते हैं। एकदम सहज और घरेलू होने के बाद भी उनकी कहानियाँ बहुत बड़ा सामाजिक संदेश दे जाती हैं। ये कहानियाँ संस्कारों का भंडार हैं। मानवीय संवेदनाओं के सूक्ष्मतम स्पंदनों को भी अपने शब्दों में बाँधने की क्षमता रखनेवाली मालतीजी अपनी सहज प्रवाहमय भाषा शैली के माध्यम से कब पाठकों के मन की गहराई में उतर जाती हैं, पता ही नहीं चलता। आज मालतीजी की कहानियाँ समाज के हर वर्ग में, चाहे वो गृहिणी हो या कामकाजी महिला, बड़े पदों पर पदस्थ व्यक्ति है या अपनी सीमित आय में कठिनाई से जीवनयापन करनेवाला साधारण व्यक्ति, नवविवाहित हो या वानप्रस्थ की ओर जाते दंपति हो, गाँव-देहात में पढ़नेवाला युवा हो या महानगरों में बड़े प्रोफेशनल कॉलेज में पढ़नेवाला युवा, गरज ये कि सभी वर्गों में सभी पीढि़यों में आदर और सम्मान के साथ ग्रहण की जाती हैं। यही कारण है कि आज मालती जोशी की कहानियों को बिखरते परिवारों को फिर से एक सूत्र में पिरोने की क्षमता रखनेवाले आशा के केंद्र के रूप में देखा जाता है। अपनी इस विलक्षण रचनाधर्मिता में मालतीजी ने एक नया आयाम जोड़ा है— कथा कथन का। मराठी की एक प्रचलित विधा का हिंदी में प्रयोग सर्वथा नया और अनूठा है। मालतीजी अपनी पूरी कहानी बिना पढ़े, बिना देखे भावों का सम्मिश्रण करते हुए पाठकों को सुनाती हैं। कथा सुननेवाले कहानी से, कथ्य से तो मुग्ध होते ही हैं, मालतीजी की शैली से भी चमत्कृत हो जाते हैं।

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अनुक्रम

भूमिका — 7

1. परिणय — 11

2. कैलक्यूलेशन — 36

3. पिता — 41

4. तुम मेरी राखो लाज हरि — 52

5. आखिरी शर्त — 68

6. बहुरि अकेला — 75

7. इच्छाओं का अनंत आकाश — 91

8. मोरी रँग दी चुनरिया — 98

9. साजिश — 120

10. अंतिम संक्षेप — 126

11. शापित शैशव — 148

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Malti JoshiMalti Joshi

Malti Joshi

जन्म : औरंगाबाद (पूर्व हैदराबाद राज्य) में 4 जून, 1934 को महाराष्ट्रियन परिवार में।शिक्षा : एम.ए. हिंदी, आगरा विश्वविद्यालय।रचना-संसार : विविध विधाओं की 40 से भी अधिक पुस्तकें प्रकाशित; 10 मराठी कथा-संग्रह, एक गीत-संग्रह एवं हिंदी की लगभग सभी पत्र-पत्रिकाओं में कहानियाँ एवं लघु उपन्यास प्रकाशित। अनेक कहानियों का कन्नड़, मलयालम, तमिल, गुजराती, उर्दू आदि भारतीय भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित हुआ है। अंग्रेजी, रूसी और जापानी भाषाओं में अनुवाद के कारण इनका साहित्य विदेशी पाठकों तक भी पहुँचा है। दो दर्जन से भी अधिक नाटकों का रेडियो एवं टेलीविजन नाट्य रूपांतर। पुरस्कार-सम्मान : ‘साहित्य शिखर सम्मान’, ‘भवभूति’, ‘अहिंदी भाषी’ लेखिका के रूप में सम्मान, ‘अक्षर आदित्य सम्मान’, ‘कला मंदिर सम्मान’, ‘गुरुवंदना सम्मान’, ‘महिला वर्ष सम्मान’ एवं अन्य सम्मान। इनके साहित्य पर विश्व-विद्यालयों में एम.फिल. एवं पी-एच.डी. के लिए कई शोध हुए हैं।

ASIN ‏ : ‎ B079W5YHYH
Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan (1 January 2016)
Language ‏ : ‎ Hindi
File size ‏ : ‎ 1.3 MB
Screen Reader ‏ : ‎ Supported
Enhanced typesetting ‏ : ‎ Enabled
Word Wise ‏ : ‎ Not Enabled
Print length ‏ : ‎ 167 pages

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