History of The World: Vishwa Ka Itihas | Explore World History – From Ancient Civilizations to Modern Times, Understanding the Past to Shape the Future

History of The World: Vishwa Ka Itihas | Explore World History – From Ancient Civilizations to Modern Times, Understanding the Past to Shape the Future
Price: ₹250 - ₹189.00
(as of Mar 28,2025 20:29:41 UTC – Details)

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VISHWA KA ITIHAS by Yogendra Prasad (Author)

VISHWA KA ITIHASVISHWA KA ITIHAS

मेरा विश्वास है कि यह पुस्तक इतिहास के छात्रों, शिक्षकों, इतिहास प्रेमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

इतिहास की परिभाषा अब तक भ्रमपूर्ण रही है। लोगों ने इतिहास को केवल राजाओं के उत्थान-पतन, युद्धों में उनकी हार-जीत की कहानी माना है लेकिन इतिहास के संबंध में ऐसे विचार संकुचित कहे जा सकते हैं। सच पूछिए तो इतिहास मानव सभ्यता के विकास की कहानी है। ‘राइकर’ ने भी अपना विचार व्यक्त करते हुए लिखा है—‘‘इतिहास विकास का नाटक और प्रक्रिया है।’’ (History is both a drama and a process of evolution.)इतिहास में मानव के सभी प्रकार के विकास का—राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक विकास का—वर्णन रहता है। संक्षेप में, ‘‘इतिहास मानव की सफलताओं एवं विफलताओं की कहानी है।’’ लेकिन यह कहानी बड़ी लंबी और व्यापक है।पुराने हिंदू विचारकों ने सृष्टि को ईश्वर की रचना बताया और सृष्टि में जितने भी पदार्थ हैं, सभी ईश्वर के बनाए बताया लेकिन वैज्ञानिक तर्क की तुला पर प्राचीन विचार नहीं ठहर सके। विद्वानों के मतानुसार, आज से करीब 5 लाख वर्ष पूर्व के पहले से मनुष्य इस पृथ्वी पर रहता आ रहा है। लेकिन तत्कालीन मानव-जीवन के संबंध में कोई निश्चित और ठोस प्रमाण नहीं मिलते, अत: इस काल को प्रागैतिहासिक काल (Pre-Historic Age) कहते हैं। धीरे-धीरे मनुष्य ने अपना विकास प्रारंभ किया।मनुष्य और पशु में यही तो सबसे बड़ा अंतर है कि मनुष्य जहाँ अपनी प्रगति और अपने विकास के लिए सचेष्ट रहता है और अपनी प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय प्राप्त कर अपनी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है वहाँ जानवर कुछ नहीं करता। मनुष्य की यही खूबी है जिसकी बदौलत वह जानवर की तरह जीवन नहीं बिताता। अगर मनुष्य इन गुणों से विभूषित न होता तो आज वह सभ्य नहीं कहलाता वरन् जानवरों की तरह जीवन बिताता। स्पष्ट है कि आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य प्रगति के पथ पर अपना विकास करता बढ़ता आ रहा है। उसका यह कार्य धीरे-धीरे हुआ है।

अनुक्रम

1. मानव सभ्यता का आरंभ

2. प्राचीन मिस्र की सभ्यता

3. चीन की प्राचीन सभ्यता

4. यूनान की सभ्यता

5. रोम की सभ्यता

6. इसलाम का उदय और प्रसार

7. सामंत प्रथा और मध्यकालीन यूरोप

8. यूरोप का बौद्धिक पुनर्जागरण (रेनेसाँ)

9. यूरोप का धर्म सुधार (Reformation)

10. औद्योगिक क्रांति

11. ब्रिटेन में लोकतंत्र का विकास

12. फ्रांस की राज्यक्रांति (1789 ई.)

13. आधुनिक रूस का निर्माण

14. आधुनिक तुर्की का निर्माण

15. आधुनिक चीन का निर्माण

16. संयुक्त राज्य अमेरिका

17. राष्ट्रसंघ (League of Nation)

18. संयुक्त राष्ट्रसंघ (U.N.O.)

THE AUTHOR

Yogendra Prasad

योगेन्द्र प्रसाद जन्म : जनवरी, 1939 शिक्षा : एम.ए.डिप.एड. सेवा अवधि : (1960 से 1999 तक) शिवनन्दन प्रसाद मंडल इंटर स्कूल, मधेपुरा (बिहार)। उच्च विद्यालय धवौली सहरसा (बिहार)।प्रकाशित पुस्तकें : ‘विश्व इतिहास प्रश्नोत्तरी’, ‘तत्कालीन हिंदी साहित्य प्रश्नोत्तरी’।स्थायी पता : को ऑपरेटिव कॉलोनी, पूर्णिया (बिहार)।

BHARAT KA ITIHAS  by Yogendra Prasad (Author)BHARAT KA ITIHAS  by Yogendra Prasad (Author)

BHARAT KA ITIHAS

वर्तमान सामाजिक और राजनैतिक माहौल में हम अपने इतिहास को नजरअंदाज करने लगे हैं। आज निचले वर्ग केपाठ्यक्रम में भी इतिहास एक स्वतंत्र विषय के रूप में नहीं रह गया। उसे सामाजिक विज्ञान का एक छोटा सा अंश बना दिया गया है। फलतः छात्रों को अपने देश के इतिहास से पूरा परिचय नहीं हो पाता। वे अपने पूर्वजों की आन, बान और शान से, उनके त्याग व बलिदान से उनकी शूरता एवं वीरता से परिचित नहीं हो पा रहे हैं। उनमें राष्ट्रीयता की भावना का लोप होने लगा है। यह स्थिति चिंताजनक है। सरकार, शिक्षक सबका दायित्व है कि वे छात्रों में इतिहास प्रेम जगाने का प्रयास करें।

BHARAT KA ITIHAS  by Yogendra Prasad (Author)BHARAT KA ITIHAS  by Yogendra Prasad (Author)

VISHWA KA ITIHAS by Yogendra Prasad (Author)

इतिहास अतीत की घटनाओं का तथ्यात्मक वर्णन मात्र नहीं है, अपितु यह मानव केसुंदर भविष्य के निर्माण में भी अत्यंत सहायक है। इस प्रकार इतिहास हमारा पथ-प्रदर्शक है। ‘विश्व का इतिहास’ नामक इस पुस्तक में मानव सभ्यता केआरंभ से लेकर वर्तमान तक का विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं, इतिहास एक वृहद् विषय है तथा इसका आंकलन विभिन्न पक्षों, यथा सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक इत्यादि को दृष्टिगत रखकर किया जाता है। जब हम विश्व के इतिहास की बात करते हैं तो इसे लिखना एक चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि इसमें घटनाओं की महत्ता को देखते हुए उनका चयन करना होता है।

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Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.; First Edition (30 June 2021); New Delhi-110002 (PH: 7827007777) Email: prabhatbooks@gmail.com
Language ‏ : ‎ Hindi
Paperback ‏ : ‎ 240 pages
ISBN-10 ‏ : ‎ 9390600111
ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9390600113
Item Weight ‏ : ‎ 320 g
Dimensions ‏ : ‎ 21.59 x 13.97 x 1.35 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Net Quantity ‏ : ‎ 1 Count
Importer ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd., 4/19, Asaf Ali Raod, New Delhi-110002 (PH: 7827007777) Email: prabhatbooks@gmail.com
Packer ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Generic Name ‏ : ‎ Book

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