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Chandamama Ki Kahaniyan by Snigdha Kumari

दूध की तरह सफ़ेद, गोलगोल चांदामामा की मन लुभावनी कहानियों का संग्रह नन्हे पाठकोंको सोने से पहले पढ़ना सहज भाएगा।
इस संग्रह की कहानियाँ नन्हे बालकों की रूची को ध्यान में रखकर लिखी गई है l चन्दामामा बच्चों के लिए हमेशा प्यारा रहा है। दूध की तरह सफ़ेद, गोलगोल चांदामामा की मन लुभावनी कहानियों का संग्रह नन्हे पाठकोंको सोने से पहले पढ़ना सहज भाएगा।

Panchatantra Ki Shandaar Kahaniya by Mahesh Dutt Sharma
पंचतंत्र की कहानियों की रचना आज से लगभग 2000 वर्ष पूर्व भारत के दक्षिण में स्थित तत्कालीन महिलारोप्य नामक नगर में राजा अमरशक्ति के शासनकाल में हुई। राजा अमरशक्ति ने अपने तीन मूर्ख और अहंकारी पुत्रों— बहुशक्ति, उग्रशक्ति और अनंतशक्ति के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सर्वशास्त्रों के ज्ञाता और कुशल ब्राह्मण पंडित विष्णु शर्मा को सौंपी। राजकुमारों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित करने के लिए पंडित विष्णु शर्मा ने नीतिशास्त्र से संबंधित कथाएँ उन्हें सुनाईं। इन कथाओं में पात्रों के रूप में उन्होंने पशु-पक्षियों का वर्णन किया और अपने विचारों को कथारूप में मुख से व्यक्त कर राजकुमारों को उचित-अनुचित आदि का ज्ञान दिया व व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया। राजकुमारों का शिक्षण पूरा होने पर पंडित विष्णु शर्मा ने इन कहानियों को पंचतंत्र की प्रेरक कहानियों के रूप में संकलित किया। आज भी इन अमर कथाओं की प्रासंगिकता जस-की-तस बनी हुई है। इनके अध्ययन और अनुकरण द्वारा निश्चित ही नीतिशास्त्र में निपुण हुआ जा सकता है, इसमें जरा भी संदेह नहीं है। हर आयु के पाठकों के लिए पठनीय, संग्रणीय और अनुकरणीय पुस्तक।

Hitopadesh ki Lokpriya Kahaniyan by Mahesh Dutt Sharma
हितोपदेश की कहानियाँ भारतीय परिवेश को ध्यान में रखकर लिखी गई उपदेशात्मक कथाएँ हैं; जिसके रचनाकार नारायण पंडित हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल; रोचक; प्रेरक और सुग्राह्य हैं। विभिन्न पशु-पक्षियों पर आधारित तार्किक कहानियाँ इसकी खास विशेषता है; जिनकी समाप्ति किसी शिक्षाप्रद बात से होती है। इस पुस्तक में हितोपदेश की मूल लोकप्रिय कहानियों को स्थान दिया गया है। कहानियों को रोचक और पठनीय बनाने के लिए इनके मूल शीर्षक; क्रम; कथानक और विस्तार को यथोचित संपादित कर दिया गया है; लेकिन कथा की मूल भावना को जीवंत रखा गया है; जिससे पाठक पारंपरिक आस्वादन पाने से वंचित न हों। अपनी रचना के कई सौ साल बाद भी इन कथाओं की लोकप्रियता में जरा भी कमी नहीं आई है तो केवल इनमें निहित संदेश के कारण। इनका कथानक पाठकों को अपने आस-पास घटित हुआ जान पड़ता है। यही कारण है कि वे सहज ही इनसे अपने आप को जोड़ लेते हैं। यही इन कथाओं की सबसे बड़ी खूबी है; जिसके कारण ये सदाबहार बनी हुई हैं। मनोरंजन तथा नैतिक ज्ञान से भरपूर कहानियों की पठनीय पुस्तक।

Yadgar Jatak Kathaye by Mahesh Dutt Sharma
भगवान् बुद्ध के अनुयायी बुद्ध घोष ने लगभग दो हजार वर्ष पहले जातक कथाएँ लिखीं। जातक कथाएँ बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक के सुत्त पिटक के खुद्दकनिकाय का हिस्सा हैं। जातक कथाओं में भगवान् बुद्ध के 547 जन्मों का वर्णन है। कथाओं की विविधता, शैक्षिकता, रोचकता और उपयोगिता को बढ़ाने के लिए इस पुस्तक में भगवान् बुद्ध के पे्ररक प्रसंगों को भी स्थान दिया गया है। कथाओं में पात्रों के रूप में पशु-पक्षियों, मनुष्य, सामाजिक परिवेश, भावनाओं इत्यादि सभी का समावेश भगवान् बुद्ध के विराट् व्यक्तित्व को दरशाता है। इतने सालों बाद आज भी इन अमरकथाओं की प्रासंगिकता जस-की-तस बनी हुई है। इनके अध्ययन और अनुकरण द्वारा कोई भी नीति-निपुण तथा नैतिक ज्ञान-संपन्न हो सकता है, इसमें जरा भी संदेह नहीं है। हर आयु वर्ग में पाठकों के लिए पठनीय, संग्रहणीय और अनुकरणीय पुस्तक।

Parsidh Jatak Kathaye by Mahesh Dutt Sharma
भगवान् बुद्ध के अनुयायी बुद्ध घोष ने लगभग दो हजार वर्ष पहले जातक कथाएँ लिखीं। जातक कथाएँ बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक के सुत्त पिटक के खुद्दकनिकाय का हिस्सा हैं। जातक कथाओं में भगवान् बुद्ध के 547 जन्मों का वर्णन है। कथाओं की विविधता; शैक्षिकता; रोचकता और उपयोगिता को बढ़ाने के लिए इस पुस्तक में भगवान् बुद्ध के पे्ररक प्रसंगों को भी स्थान दिया गया है। कथाओं में पात्रों के रूप में पशु-पक्षियों; मनुष्य; सामाजिक परिवेश; भावनाओं इत्यादि सभी का समावेश भगवान् बुद्ध के विराट् व्यक्तित्व को दरशाता है। इतने सालों बाद आज भी इन अमरकथाओं की प्रासंगिकता जस-की-तस बनी हुई है। इनके अध्ययन और अनुकरण द्वारा कोई भी नीति-निपुण तथा नैतिक ज्ञान-संपन्न हो सकता है; इसमें जरा भी संदेह नहीं है। हर आयु वर्ग में पाठकों के लिए पठनीय; संग्रहणीय और अनुकरणीय पुस्तक।
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ASIN : 9383110104
Publisher : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.; First Edition (1 January 2018); Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Language : Hindi
Hardcover : 96 pages
ISBN-10 : 9789383110100
ISBN-13 : 978-9383110100
Reading age : 6 years and up
Item Weight : 322 g
Dimensions : 20.3 x 25.4 x 4.7 cm
Net Quantity : 1 Count
Importer : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Packer : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Generic Name : Book
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